Guru Grah Seva Dham

Dwarka Yatra

द्वारका गुज़रात राज्य के देवभूमि द्वारिका जिले में स्थित भारत के सात सबसे प्राचीन शहरों में से एक प्राचीन नगर है। द्वारका गोमती नदी और अरब सागर के किनारे ओखामंडल प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर बसा हुआ है।
यह हिन्दुओं के सर्वाधिक पवित्र तीर्थों में से एक तथा चार धामों में से एक है। और सप्तपुरी (सबसे पवित्र प्राचीन नगर) में से भी एक है।
यह श्री कृष्ण की कर्मभूमि है। जिसने हमारे बृज के कान्हा को योगेश्वर श्री कृष्ण बनाया था। श्री कृष्ण की इस कर्मभूमि को देखना हमारे लिए बढ़े सौभाग्य की बात है। क्यूँकि जिस भूमि पर कृष्ण जैसे महान योगी , ज्ञानी , महारथी , समाज सुधारक , रणनीतज्ञ , संगीतज्ञ , दार्शनिक ने अपने जीवन का आधे से अधिक समय जहाँ व्यतीत किया हो वहाँ उस महान पुरुष की ऊर्जा भी व्याप्त होगी। महाराज श्री के सानिध्य में चलकर हमें श्री कृष्ण की उसी ऊर्जा को अपने भीतर लाना है। क्यूँकि हम लोग किसी भी जगह की ऊर्जा को इतना अनुभव नहीं कर सकते जितना की कोई संत या साधक कर सकता है।

॥ ॐ योग योगेश्वराय नमः ॥

अधिक मास के पावन अवसर पर अपने पितरों के कल्याणार्थ भव्य श्रीमद्भागवत कथा एवं द्वारिका यात्रा का आयोजन किया जा रहा है आप श्री भी इस पावन कथा मे यजमान, पोथी यजमान, उत्सव यजमान बनकर इस पुनीत कार्य में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते है ।।

दिनाँक :- 18 जुलाई 2023 से 25 जुलाई 2023 तक

॥ मुख्य कार्यक्रम ॥

  • प्रतिदिन प्रातः योग शिविर ,
  • ध्यान शिविर,
  • कथा प्रवचन ,
  • द्वारिका भ्रमण ,
  • मंदिर दर्शन  ।

॥ द्वारिका के मुख्य दार्शनिक स्थल ॥

  • द्वारकाधीश मंदिर

  •  नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर

  • बेट द्वारका आइलैंड

  • द्वारका बीच

  • रुक्मणीदेवी मंदिर

  •  लाइटहाउस

  • गोमती घाट

  • भड़केश्वर महादेव मंदिर

  • सुदामा सेतु

  • स्वामी नारायण मंदिर मन्दिर आदि के दर्शन करने का सौभाग्य भी आपको प्राप्त होगा ।

॥ आज ही अपना पंजीयन कराए ॥

  • सेवा :- 8,100 ( आश्रम की व्यवस्था अनुसार रहना )
  • सेवा -15,000 प्रति व्यक्ति (स्पेशल डीलक्स कमरा जिसमे दो भक्त रहेंगे)
  • पोथी यजमान सेवा – 21,000 ( घर बैठें अपने पितरों के निमित्त पोथी रखवाने एवं मूल पाठ कराने हेतु )
  • पोथी यजमान सेवा- 51,000 ( दो भक्तो की सम्पूर्ण व्यवस्था ) ( कथा मे सम्लित होकर पितरों के निमित्त पोथी रखवाने एवं मूल पाठ कराने हेतु )
  • उत्सव यजमान सेवा- 71,000 ( 04  भक्तो की सम्पूर्ण व्यवस्था )
  • मुख्य यजमान सेवा – 1,21,000 ( 06 भक्तो की सम्पूर्ण व्यवस्था )
  • परीक्षित – 2,51,000 ( 08 भक्तो की सम्पूर्ण व्यवस्था )

सूचना :-

  1.  दी गई सभी सेवाओं में ट्रस्ट के द्वारा सभी भक्तो के लिए रुकने एवं दोनो समय के भोजन, नाश्ता, चाय की उचित व्यवस्था की जाएगी ।
  2.  भक्तो को द्वारिका स्वयं के साधन एवं किराए से पहुंचना होगा । और यदि ट्रस्ट के द्वारा आप जाना चाहे तो उसका सम्पूर्ण किराया आपको भुगतान करना होगा ।
  3.  5 वर्ष तक के बच्चों का कोई शुल्क नहीं है , 5 से 14 वर्ष तक के बच्चों का आधा और 14 वर्ष से बड़े बच्चों का पूर्ण शुल्क देना होगा।
  4. अपने सामान की स्वयं रक्षा करें। कीमती आभूषण इत्यादि पहन कर ना आये ।
  5.  यदि आप यात्रा मे मंदिर इत्यादि के दर्शन के लिये जाते है तो किराया खर्चा आपको अलग से देना होगा।

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